Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.156.189: तदनन्तर उनके शरीर सैकड़ों बाणों से बिंध जाने के कारण चारों ओर की भूमि पर्वत शिखरों से आच्छादित, गिरे हुए और मरे हुए लोगों के शवों से बिछी हुई, अत्यन्त भयानक और दुर्गम प्रतीत होने लगी ॥189॥ | mahabharat अध्याय 7.156: सोमदत्त और सात्यकिका युद्ध, सोमदत्तकी पराजय, घटोत्कच और अश्वत्थामाका युद्ध और अश्वत्थामाद्वारा घटोत्कचके पुत्रका, एक अक्षौहिणी राक्षस-सेनाका तथा द्रुपदपुत्रोंका वध एवं पाण्डव-सेनाकी पराजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तदनन्तर उनके शरीर सैकड़ों बाणों से बिंध जाने के कारण चारों ओर की भूमि पर्वत शिखरों से आच्छादित, गिरे हुए और मरे हुए लोगों के शवों से बिछी हुई, अत्यन्त भयानक और दुर्गम प्रतीत होने लगी ॥189॥
Thereafter, due to their bodies being pierced by hundreds of arrows, the land all around covered with mountain peaks, strewn with the dead bodies of the fallen and those who had died, began to appear extremely terrible and inaccessible. 189॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥