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mahabharat 7.156.181: इसके बाद उन्होंने द्रुपदकुमार शत्रुंजय, बलानीक, जयानिक और जयश्व को भी युद्धभूमि में मार डाला।   |   mahabharat अध्याय 7.156: सोमदत्त और सात्यकिका युद्ध, सोमदत्तकी पराजय, घटोत्कच और अश्वत्थामाका युद्ध और अश्वत्थामाद्वारा घटोत्कचके पुत्रका, एक अक्षौहिणी राक्षस-सेनाका तथा द्रुपदपुत्रोंका वध एवं पाण्डव-सेनाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 156: सोमदत्त और सात्यकिका युद्ध, सोमदत्तकी पराजय, घटोत्कच और अश्वत्थामाका युद्ध और अश्वत्थामाद्वारा घटोत्कचके पुत्रका, एक अक्षौहिणी राक्षस-सेनाका तथा द्रुपदपुत्रोंका वध एवं पाण्डव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 181
 
 
श्लोक  7.156.181 
पुन: शत्रुंजयं नाम द्रुपदस्यात्मजं रणे।
बलानीकं जयानीकं जयाश्वं चाभिजघ्निवान्॥ १८१॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद उन्होंने द्रुपदकुमार शत्रुंजय, बलानीक, जयानिक और जयश्व को भी युद्धभूमि में मार डाला।
 
After that, he also killed Drupadakumar Shatrunjay, Balanik, Jayanik and Jayashva in the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)