तत: कर्णस्य मिषतो द्रौणेर्दुर्योधनस्य च।
कृपस्य सोमदत्तस्य बाह्लीकस्य च पाण्डव:॥ ३८॥
दुर्मदस्य च वीरस्य दुष्कर्णस्य च तं रथम्।
पादप्रहारेण धरां प्रावेशयदरिंदम:॥ ३९॥
अनुवाद
तत्पश्चात् कर्ण, अश्वत्थामा, दुर्योधन, कृपाचार्य, सोमदत्त और बाह्लीक के सामने ही शत्रु पाण्डुपुत्र भीम ने वीर दुर्मद और दुष्कर्ण के रथ को लात मारकर भूमि में धंसा दिया ॥38-39॥
Thereafter, in front of Karna, Ashwatthama, Duryodhana, Kripacharya, Somdutt and Bahlika, the enemy Pandu's son Bhima kicked the chariot of brave Durmad and Dushkarna and made it sink into the ground. 38-39॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥