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श्री महाभारत
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पर्व 7: द्रोण पर्व
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अध्याय 155: द्रोणाचार्यद्वारा शिबिका वध तथा भीमसेनद्वारा घूँसे और थप्पड़से कलिंगराजकुमारका एवं ध्रुव, जयरात तथा धृतराष्ट्रपुत्र दुष्कर्ण और दुर्मदका वध
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श्लोक 29-30h
श्लोक
7.155.29-30h
कर्णस्तु पाण्डवे शक्तिं काञ्चनीं समवासृजत्॥ २९॥
यतस्तामेव जग्राह प्रहसन् पाण्डुनन्दन:।
अनुवाद
तब कर्ण ने स्वर्ण भाले से पाण्डव पुत्र भीम पर आक्रमण किया, किन्तु पाण्डव पुत्र भीम ने अट्टहास करते हुए उसे अपने हाथ से पकड़ लिया।
Then Karna attacked Pandava's son Bhima with a golden spear, but Pandava's son Bhima caught it with his hand while laughing.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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