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mahabharat 7.153.33-34h: तब राजा युधिष्ठिर क्रोधित हो गए और पलक झपकते ही उन्होंने दूसरा धनुष उठाया और बड़े वेग से कुरुवंशी दुर्योधन को रोक दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.153: कौरव-पाण्डव-सेनाका युद्ध, दुर्योधन और युधिष्ठिरका संग्राम तथा दुर्योधनकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 153: कौरव-पाण्डव-सेनाका युद्ध, दुर्योधन और युधिष्ठिरका संग्राम तथा दुर्योधनकी पराजय  »  श्लोक 33-34h
 
 
श्लोक  7.153.33-34h 
ततो युधिष्ठिर: क्रुद्धो निमेषादिव कार्मुकम्॥ ३३॥
अन्यदादाय वेगेन कौरवं प्रत्यवारयत्।
 
 
अनुवाद
तब राजा युधिष्ठिर क्रोधित हो गए और पलक झपकते ही उन्होंने दूसरा धनुष उठाया और बड़े वेग से कुरुवंशी दुर्योधन को रोक दिया।
 
Then King Yudhishthira became enraged and in the blink of an eye took up another bow and with great speed stopped the Kuru descendant Duryodhana. 33 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)