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mahabharat 7.153.32-33h: फिर एक और बाण से महाबली योद्धा दुर्योधन ने राजा युधिष्ठिर का धनुष काट दिया और चार बाणों से उनके चारों घोड़ों को बींध डाला।   |   mahabharat अध्याय 7.153: कौरव-पाण्डव-सेनाका युद्ध, दुर्योधन और युधिष्ठिरका संग्राम तथा दुर्योधनकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 153: कौरव-पाण्डव-सेनाका युद्ध, दुर्योधन और युधिष्ठिरका संग्राम तथा दुर्योधनकी पराजय  »  श्लोक 32-33h
 
 
श्लोक  7.153.32-33h 
धनुश्च पुनरन्येन चकर्तास्य महारथ:॥ ३२॥
चतुर्भिश्चतुरश्चैव बाणैर्विव्याध वाजिन:।
 
 
अनुवाद
फिर एक और बाण से महाबली योद्धा दुर्योधन ने राजा युधिष्ठिर का धनुष काट दिया और चार बाणों से उनके चारों घोड़ों को बींध डाला।
 
Then with another arrow the mighty warrior Duryodhana cut off King Yudhishthira's bow and with four arrows pierced all his four horses.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)