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mahabharat 7.153.31-32h: हे नरदेव! उसने तीन बाणों से महान पाण्डुपुत्र राजा युधिष्ठिर के प्रिय सारथि इन्द्रसेन के मस्तक पर चोट पहुँचाई।   |   mahabharat अध्याय 7.153: कौरव-पाण्डव-सेनाका युद्ध, दुर्योधन और युधिष्ठिरका संग्राम तथा दुर्योधनकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.153.31-32h 
इन्द्रसेनं त्रिभिश्चैव ललाटे जघ्निवान् नृप॥ ३१॥
सारथिं दयितं राज्ञ: पाण्डवस्य महात्मन:।
 
 
अनुवाद
हे नरदेव! उसने तीन बाणों से महान पाण्डुपुत्र राजा युधिष्ठिर के प्रिय सारथि इन्द्रसेन के मस्तक पर चोट पहुँचाई।
 
O lord of men! With three arrows he injured Indrasena, the favourite charioteer of the great Panduputra king Yudhishthira, on his forehead.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)