श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 151: द्रोणाचार्यका दुर्योधनको उत्तर और युद्धके लिये प्रस्थान  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  7.151.33 
इमानि पाण्डवानां च सृञ्जयानां च भारत।
अनीकान्याद्रवन्ते मां सहितान्यद्य भारत॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
भरत! देखो, पाण्डवों और सृंजयों की सेनाएँ मिलकर अब मुझ पर आक्रमण कर रही हैं॥33॥
 
Bharata! Look there, the armies of the Pandavas and the Srinjayas together are now attacking me. ॥ 33॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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