Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.149.30-31h: जगत्पते! वेदवेत्ता आपको अनादि, दिव्यस्वरूप, विश्वेश्वर, धाता, अजन्मा, अव्यक्त, भूतात्मा, महात्मा, अनन्त और विश्वतोमुख आदि नामों से पुकारते हैं। 30 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.149: श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे विजयका समाचार सुनाना और युधिष्ठिरद्वारा श्रीकृष्णकी स्तुति तथा अर्जुन, भीम एवं सात्यकिका अभिनन्दन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 149: श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे विजयका समाचार सुनाना और युधिष्ठिरद्वारा श्रीकृष्णकी स्तुति तथा अर्जुन, भीम एवं सात्यकिका अभिनन्दन  »  श्लोक 30-31h
 
 
श्लोक  7.149.30-31h 
अनादिनिधनं देवं विश्वस्येशं जगत‍्पते।
धातारमजमव्यक्तमाहुर्वेदविदो जना:॥ ३०॥
भूतात्मानं महात्मानमनन्तं विश्वतोमुखम्।
 
 
अनुवाद
जगत्पते! वेदवेत्ता आपको अनादि, दिव्यस्वरूप, विश्वेश्वर, धाता, अजन्मा, अव्यक्त, भूतात्मा, महात्मा, अनन्त और विश्वतोमुख आदि नामों से पुकारते हैं। 30 1/2॥
 
‘Jagatpate! Veda experts call you by names like beginningless, divine form, Vishweshwar, Dhata, unborn, Avyakt, ghost soul, Mahatma, Anant and Vishwatomukh etc. 30 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)