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श्लोक  7.149.20 
अनादिनिधनं देवं लोककर्तारमव्ययम्।
ये भक्तास्त्वां हृषीकेश दुर्गाण्यतितरन्ति ते॥ २०॥
 
 
अनुवाद
हृषीकेश! आप आदि-अंत रहित जगत के रचयिता और अपरिवर्तनीय ईश्वर हैं। आपके भक्त बड़े-बड़े संकटों पर विजय प्राप्त कर लेते हैं।
 
Hrishikesha! You are the creator of the universe without beginning or end and the unchangeable God. Those who are your devotees overcome the biggest difficulties.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)