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श्लोक 7.147.32-33h  |
एवमुक्तो महाबाहु: केशव: सव्यसाचिना॥ ३२॥
प्रत्युवाच महातेजा: कालयुक्तमिदं वच:। |
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| अनुवाद |
| सव्यसाची अर्जुन की यह बात सुनकर महाबली केशव ने उनसे यह समयोचित वचन कहा-॥ |
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| On hearing this from Savyasachi Arjun, the mighty powerful Keshav said to him this timely word -॥ |
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