Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.146.8-10h: तत्पश्चात् कौरवों ने अपने अस्त्रों की इतनी जोर से वर्षा की कि वहाँ अन्धकार छा गया। अन्य कोई भी योद्धा उस अन्धकार को नष्ट करने की कल्पना भी नहीं कर सकता था; परन्तु पाण्डुपुत्र अर्जुन ने बड़ी शीघ्रता से दिव्यास्त्रों से युक्त मन्त्रों से अभिमंत्रित बाणों द्वारा उस अन्धकार को बड़ी वीरता से नष्ट कर दिया। जैसे सूर्य प्रातःकाल अपनी किरणों से रात्रि के अन्धकार को शीघ्रता से नष्ट कर देता है। | mahabharat अध्याय 7.146: अर्जुनका अद्भुत पराक्रम और सिन्धुराज जयद्रथका वध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् कौरवों ने अपने अस्त्रों की इतनी जोर से वर्षा की कि वहाँ अन्धकार छा गया। अन्य कोई भी योद्धा उस अन्धकार को नष्ट करने की कल्पना भी नहीं कर सकता था; परन्तु पाण्डुपुत्र अर्जुन ने बड़ी शीघ्रता से दिव्यास्त्रों से युक्त मन्त्रों से अभिमंत्रित बाणों द्वारा उस अन्धकार को बड़ी वीरता से नष्ट कर दिया। जैसे सूर्य प्रातःकाल अपनी किरणों से रात्रि के अन्धकार को शीघ्रता से नष्ट कर देता है।
Thereafter the Kauravas showered their weapons with such force that darkness prevailed there. No other warrior could even think of destroying that darkness; but Arjuna, son of Pandu, acted very quickly and destroyed it with great bravery by using arrows consecrated with mantras related to divine weapons. Just like the sun destroys the darkness of the night quickly with its rays in the morning. 8-9 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥