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mahabharat 7.146.73-74h: श्रीकृष्ण के मुख से यह सुनकर महाप्रतापी पाण्डुपुत्र अर्जुन ने सूर्य और अग्नि के समान तेजस्वी बाणों द्वारा आपकी सेना का संहार करना आरम्भ कर दिया। 73 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.146: अर्जुनका अद्भुत पराक्रम और सिन्धुराज जयद्रथका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 146: अर्जुनका अद्भुत पराक्रम और सिन्धुराज जयद्रथका वध  »  श्लोक 73-74h
 
 
श्लोक  7.146.73-74h 
इत्येवं केशवेनोक्त: पाण्डुपुत्र: प्रतापवान्॥ ७३॥
न्यवधीत् तावकं सैन्यं शरैरर्काग्निसंनिभै:।
 
 
अनुवाद
श्रीकृष्ण के मुख से यह सुनकर महाप्रतापी पाण्डुपुत्र अर्जुन ने सूर्य और अग्नि के समान तेजस्वी बाणों द्वारा आपकी सेना का संहार करना आरम्भ कर दिया। 73 1/2॥
 
On hearing this from Shri Krishna, the glorious son of Pandu, Arjuna started killing your army with arrows as bright as the sun and fire. 73 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)