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mahabharat 7.146.40-41: राजन! तत्पश्चात् अर्जुन बड़े-बड़े रथों को पार करते हुए आगे बढ़े। उस समय आकाश में तपती हुई दोपहर की धूप के समान समस्त प्राणी पाण्डुपुत्र अर्जुन को देखने में असमर्थ हो गए। 40-41॥   |   mahabharat अध्याय 7.146: अर्जुनका अद्भुत पराक्रम और सिन्धुराज जयद्रथका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 146: अर्जुनका अद्भुत पराक्रम और सिन्धुराज जयद्रथका वध  »  श्लोक 40-41
 
 
श्लोक  7.146.40-41 
ततो रथवरान् राजन्नत्यतिक्रामदर्जुन:॥ ४०॥
मध्यंदिनगतं सूर्यं प्रतपन्तमिवाम्बरे।
न शेकु: सर्वभूतानि पाण्डवं प्रतिवीक्षितुम्॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
राजन! तत्पश्चात् अर्जुन बड़े-बड़े रथों को पार करते हुए आगे बढ़े। उस समय आकाश में तपती हुई दोपहर की धूप के समान समस्त प्राणी पाण्डुपुत्र अर्जुन को देखने में असमर्थ हो गए। 40-41॥
 
Rajan! After that Arjun moved ahead crossing the big chariots. At that time, like the scorching midday sun in the sky, all the living beings were unable to look at Pandu's son Arjuna. 40-41॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)