Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.146.19-21: देवराज इन्द्र के समान रथ पर आरूढ़ होकर, समस्त शस्त्रधारियों में श्रेष्ठ अर्जुन, एक साथ सभी दिशाओं में महान् अस्त्रों का प्रहार करते हुए, सभी को दिखाई दे रहे थे। वे धनुष की टंकार करते हुए रथ के मार्ग पर नृत्य कर रहे थे। जिस प्रकार आकाश में प्रज्वलित मध्याह्न सूर्य को देखना कठिन होता है, उसी प्रकार राजा लोग प्रयत्न करने पर भी उनकी ओर नहीं देख पा रहे थे। | mahabharat अध्याय 7.146: अर्जुनका अद्भुत पराक्रम और सिन्धुराज जयद्रथका वध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
देवराज इन्द्र के समान रथ पर आरूढ़ होकर, समस्त शस्त्रधारियों में श्रेष्ठ अर्जुन, एक साथ सभी दिशाओं में महान् अस्त्रों का प्रहार करते हुए, सभी को दिखाई दे रहे थे। वे धनुष की टंकार करते हुए रथ के मार्ग पर नृत्य कर रहे थे। जिस प्रकार आकाश में प्रज्वलित मध्याह्न सूर्य को देखना कठिन होता है, उसी प्रकार राजा लोग प्रयत्न करने पर भी उनकी ओर नहीं देख पा रहे थे।
Sitting on a chariot like the king of gods Indra, Arjuna, the best of all weapon holders, was visible to all as he was simultaneously shooting great weapons in all directions. He was dancing on the path of the chariot while twirling his bow. Just as it is difficult to look at the blazing noon sun in the sky, similarly the kings were not able to look at him even after trying hard.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥