Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.146.10-11h: तदनन्तर, जैसे ग्रीष्म ऋतु का प्रचण्ड सूर्य छोटे-छोटे गड्ढों के जल को शीघ्र ही सुखा देता है, उसी प्रकार अर्जुनरूपी पराक्रमी सूर्य ने अपने प्रज्वलित बाणों द्वारा आपकी सेना के जल को शीघ्र ही सोख लिया। | mahabharat अध्याय 7.146: अर्जुनका अद्भुत पराक्रम और सिन्धुराज जयद्रथका वध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तदनन्तर, जैसे ग्रीष्म ऋतु का प्रचण्ड सूर्य छोटे-छोटे गड्ढों के जल को शीघ्र ही सुखा देता है, उसी प्रकार अर्जुनरूपी पराक्रमी सूर्य ने अपने प्रज्वलित बाणों द्वारा आपकी सेना के जल को शीघ्र ही सोख लिया।
Thereafter, just as the powerful summer sun dries up the water in small pits very quickly, similarly the powerful Sun in the form of Arjuna very quickly absorbed the water of your army with his blazing rays of arrows.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥