Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.145.85-86: मद्रराज शल्य ने कुंतीपुत्र अर्जुन को तीस बाणों से घायल कर दिया। कृपाचार्य ने भगवान कृष्ण पर बीस बाण छोड़े और अर्जुन पर बारह बाणों से आक्रमण किया।   |   mahabharat अध्याय 7.145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध  »  श्लोक 85-86
 
 
श्लोक  7.145.85-86 
मद्रराजश्च कौन्तेयमविध्यत् त्रिंशता शरै:॥ ८५॥
शारद्वतस्तु विंशत्या वासुदेवं समार्पयत्।
धनंजयं द्वादशभिराजघान शिलीमुखै:॥ ८६॥
 
 
अनुवाद
मद्रराज शल्य ने कुंतीपुत्र अर्जुन को तीस बाणों से घायल कर दिया। कृपाचार्य ने भगवान कृष्ण पर बीस बाण छोड़े और अर्जुन पर बारह बाणों से आक्रमण किया।
 
Madra king Shalya injured Kunti's son Arjun with thirty arrows. Kripacharya shot twenty arrows at Lord Krishna and attacked Arjun with twelve arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)