Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.145.79-80: राजन! तत्पश्चात् दुर्योधन ने आपके सैनिकों से कहा- 'वीरों! तुम लोग पूरी शक्ति से राधापुत्र कर्ण की रक्षा करो। वह अर्जुन को मारे बिना युद्धभूमि से नहीं लौटेगा; क्योंकि उसने मुझसे भी यही बात कही है।'   |   mahabharat अध्याय 7.145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध  »  श्लोक 79-80
 
 
श्लोक  7.145.79-80 
ततो दुर्योधनो राजंस्तावकानभ्यभाषत॥ ७९॥
यत्नाद् रक्षत राधेयं नाहत्वा समरेऽर्जुनम्।
निवर्तिष्यति राधेय इति मामुक्तवान् वृष:॥ ८०॥
 
 
अनुवाद
राजन! तत्पश्चात् दुर्योधन ने आपके सैनिकों से कहा- 'वीरों! तुम लोग पूरी शक्ति से राधापुत्र कर्ण की रक्षा करो। वह अर्जुन को मारे बिना युद्धभूमि से नहीं लौटेगा; क्योंकि उसने मुझसे भी यही बात कही है।'
 
King! Thereafter Duryodhan said to your soldiers-'Heroes! You protect Radha's son Karna with all your efforts. He will not return from the battlefield without killing Arjuna; because he has told me the same thing.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)