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mahabharat 7.145.61-62h: तत्पश्चात् महाबाहु अर्जुन ने युद्धस्थल में समस्त सेना के सामने ही सारथिपुत्र कर्ण को दस बाणों से घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध  »  श्लोक 61-62h
 
 
श्लोक  7.145.61-62h 
तं पार्थो दशभिर्बाणै: प्रत्यविध्यद् रणाजिरे॥ ६१॥
सूतपुत्रं महाबाहु: सर्वसैन्यस्य पश्यत:।
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् महाबाहु अर्जुन ने युद्धस्थल में समस्त सेना के सामने ही सारथिपुत्र कर्ण को दस बाणों से घायल कर दिया।
 
Then, in front of the entire army, the mighty-armed Arjuna pierced Karna, the son of a charioteer, with ten arrows in the battlefield. 61 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)