Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.145.57-58h: जैसे बादल अपनी जल-बूंदों से पर्वत शिखरों पर आक्रमण करते हैं, उसी प्रकार कौरव योद्धा धनुष उठाकर अर्जुन पर गर्जना करते हुए तीखे बाणों की वर्षा करने लगे।   |   mahabharat अध्याय 7.145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध  »  श्लोक 57-58h
 
 
श्लोक  7.145.57-58h 
त एनमभिनर्दन्तो विधुन्वाना धनूंषि च॥ ५७॥
सिषिचुर्मार्गणैस्तीक्ष्णैर्गिरिं मेघा इवाम्बुभि:।
 
 
अनुवाद
जैसे बादल अपनी जल-बूंदों से पर्वत शिखरों पर आक्रमण करते हैं, उसी प्रकार कौरव योद्धा धनुष उठाकर अर्जुन पर गर्जना करते हुए तीखे बाणों की वर्षा करने लगे।
 
Just as clouds attack the mountain peaks with their water droplets, similarly the Kaurava warriors, swinging their bows and roaring at Arjuna, began showering sharp arrows upon him. 57 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)