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mahabharat 7.145.49-50h: अर्जुन को दस बाणों से तथा श्रीकृष्ण को सात बाणों से घायल करके वे जयद्रथ की रक्षा करते हुए रथ मार्ग पर खड़े हो गये।   |   mahabharat अध्याय 7.145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध  »  श्लोक 49-50h
 
 
श्लोक  7.145.49-50h 
स विद्‍ध्वा दशभि: पार्थं वासुदेवं च सप्तभि:॥ ४९॥
अतिष्ठद् रथमार्गेषु सैन्धवं प्रतिपालयन्।
 
 
अनुवाद
अर्जुन को दस बाणों से तथा श्रीकृष्ण को सात बाणों से घायल करके वे जयद्रथ की रक्षा करते हुए रथ मार्ग पर खड़े हो गये।
 
Having wounded Arjuna with ten arrows and Sri Krishna with seven, he stood on the chariot path protecting Jayadratha. 49 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)