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mahabharat 7.145.40-41h: भरतश्रेष्ठ! भीमसेन और सत्य से सुरक्षित अर्जुन उस समय प्रज्वलित अग्नि के समान चमक रहे थे ॥40 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध  »  श्लोक 40-41h
 
 
श्लोक  7.145.40-41h 
बीभत्सुर्भीमसेनेन सात्वतेन च रक्षित:॥ ४०॥
प्रबभौ भरतश्रेष्ठ ज्वलन्निव हुताशन:।
 
 
अनुवाद
भरतश्रेष्ठ! भीमसेन और सत्य से सुरक्षित अर्जुन उस समय प्रज्वलित अग्नि के समान चमक रहे थे ॥40 1/2॥
 
Bharatshrestha! Arjuna, who was safe from Bhimsen and Satya, was glowing like a blazing fire at that time. 40 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)