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mahabharat 7.145.23-24h: हे कर्ण! तुम मेरे, अश्वत्थामा, मद्रराज शल्य, कृपाचार्य तथा अन्य महारथियों सहित रणभूमि में अर्जुन के साथ अपनी पूरी शक्ति से युद्ध करो। 23 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 145: अर्जुनका जयद्रथपर आक्रमण, कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत, कर्णके साथ अर्जुनका युद्ध और कर्णकी पराजय तथा सब योद्धाओंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध  »  श्लोक 23-24h
 
 
श्लोक  7.145.23-24h 
स त्वं कर्ण मया सार्धं शूरैश्चान्यैर्महारथै:।
द्रौणिना त्वं हि सहितो मद्रेशेन कृपेण च॥ २३॥
युध्यस्व यत्नमास्थाय परं पार्थेन संयुगे।
 
 
अनुवाद
हे कर्ण! तुम मेरे, अश्वत्थामा, मद्रराज शल्य, कृपाचार्य तथा अन्य महारथियों सहित रणभूमि में अर्जुन के साथ अपनी पूरी शक्ति से युद्ध करो। 23 1/2॥
 
Ear! You, along with me, Ashwatthama, Madraraj Shalya, Kripacharya and other valiant experts, fight with Arjuna in the battlefield with all your might. 23 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)