vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 144: सात्यकिके भूरिश्रवाद्वारा अपमानित होनेका कारण तथा वृष्णिवंशी वीरोंकी प्रशंसा
»
श्लोक 13
श्लोक
7.144.13
शिनिना सोमदत्तस्तु प्रसह्य भुवि पातित:।
असिमुद्यम्य केशेषु प्रगृह्य च पदा हत:॥ १३॥
अनुवाद
तब शिनीनी ने सोमदत्त को जोर से भूमि पर पटक दिया, अपनी तलवार उठाई, उसके केश पकड़े और उसे लात मारी॥13॥
Thereupon Shinini threw Somadatta forcefully on the ground, picked up his sword, caught hold of his hair and kicked him.॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×