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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 143: भूरिश्रवाका अर्जुनको उपालम्भ देना, अर्जुनका उत्तर और आमरण अनशनके लिये बैठे हुए भूरिश्रवाका सात्यकिके द्वारा वध  »  श्लोक 69
 
 
श्लोक  7.143.69 
संजय उवाच
एवमुक्ते महाराज सर्वे कौरवपुङ्गवा:।
न स्म किंचिदभाषन्त मनसा समपूजयन्॥ ६९॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - महाराज ! जब सात्यकि ने ऐसा कहा, तब समस्त महारथी कौरवों ने कुछ भी उत्तर नहीं दिया। वे मन ही मन उसकी स्तुति करने लगे।
 
Sanjaya says - Maharaj! When Satyaki said this, all the great Kauravas did not say anything in reply. They started praising him in their hearts. 69.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)