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mahabharat 7.143.55: सैनिकों ने कौरवों में श्रेष्ठ भूरिश्रवा को मारने के लिए उसका अभिनंदन नहीं किया, जिसे अर्जुन ने पहले ही मार डाला था ॥55॥   |   mahabharat अध्याय 7.143: भूरिश्रवाका अर्जुनको उपालम्भ देना, अर्जुनका उत्तर और आमरण अनशनके लिये बैठे हुए भूरिश्रवाका सात्यकिके द्वारा वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 143: भूरिश्रवाका अर्जुनको उपालम्भ देना, अर्जुनका उत्तर और आमरण अनशनके लिये बैठे हुए भूरिश्रवाका सात्यकिके द्वारा वध  »  श्लोक 55
 
 
श्लोक  7.143.55 
नाभ्यनन्दन्त सैन्यानि सात्यकिं तेन कर्मणा।
अर्जुनेन हतं पूर्वं यज्जघान कुरूद्वहम्॥ ५५॥
 
 
अनुवाद
सैनिकों ने कौरवों में श्रेष्ठ भूरिश्रवा को मारने के लिए उसका अभिनंदन नहीं किया, जिसे अर्जुन ने पहले ही मार डाला था ॥55॥
 
The soldiers did not congratulate him for his act of killing Bhurishrava, the best of the Kurus, whom Arjun had killed earlier. 55॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)