Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.143.25: हे राजन! तुम मेरी निन्दा करते हो कि, ‘अर्जुन! मैं तो किसी और से युद्ध कर रहा था और तुमने मुझे धोखा दिया।’ तुम्हारे इस कथन से मेरे मन में भ्रम उत्पन्न हो गया है।॥25॥ | mahabharat अध्याय 7.143: भूरिश्रवाका अर्जुनको उपालम्भ देना, अर्जुनका उत्तर और आमरण अनशनके लिये बैठे हुए भूरिश्रवाका सात्यकिके द्वारा वध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यच्च मे गर्हसे राजन्नन्येन सह संगतम्।
अहं त्वया विनिकृतस्तत्र मे बुद्धिविभ्रम:॥ २५॥
अनुवाद
हे राजन! तुम मेरी निन्दा करते हो कि, ‘अर्जुन! मैं तो किसी और से युद्ध कर रहा था और तुमने मुझे धोखा दिया।’ तुम्हारे इस कथन से मेरे मन में भ्रम उत्पन्न हो गया है।॥25॥
O King! You are criticising me by saying, 'Arjuna! I was engaged in a war with someone else and you cheated me.' This statement of yours has created confusion in my mind. ॥ 25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥