Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.143.18: मैं युद्ध के नियमों को जानता हूँ और समस्त वेदों और शास्त्रों के अर्थों को अच्छी तरह से जानता हूँ। मैं कोई पाप नहीं कर सकता; यह जानकर भी तुम मेरी ओर आकर्षित हो रहे हो॥18॥ | mahabharat अध्याय 7.143: भूरिश्रवाका अर्जुनको उपालम्भ देना, अर्जुनका उत्तर और आमरण अनशनके लिये बैठे हुए भूरिश्रवाका सात्यकिके द्वारा वध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
संग्रामाणां हि धर्मज्ञ: सर्वशास्त्रार्थपारग:।
न चाधर्ममहं कुर्यां जानंश्चैव हि मुह्यसे॥ १८॥
अनुवाद
मैं युद्ध के नियमों को जानता हूँ और समस्त वेदों और शास्त्रों के अर्थों को अच्छी तरह से जानता हूँ। मैं कोई पाप नहीं कर सकता; यह जानकर भी तुम मेरी ओर आकर्षित हो रहे हो॥18॥
I know the rules of war and am well versed in the meaning of all the Vedas and scriptures. I cannot commit any sin; even after knowing this you are getting attracted towards me.॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥