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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 143: भूरिश्रवाका अर्जुनको उपालम्भ देना, अर्जुनका उत्तर और आमरण अनशनके लिये बैठे हुए भूरिश्रवाका सात्यकिके द्वारा वध  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  7.143.1 
संजय उवाच
स बाहुर्न्यपतद् भूमौ सखड्ग: सशुभाङ्गद:।
आदधज्जीवलोकस्य दु:खमद्भुतमुत्तम:॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं: हे राजन! भूरिश्रवा की वह सुन्दर भुजा, जो सुन्दर बाजूबंद से सुशोभित थी, तलवार सहित कटकर पृथ्वी पर गिर पड़ी, जिससे समस्त प्राणियों के हृदय में महान शोक उत्पन्न हो गया।
 
Sanjaya says: O King! That beautiful arm of Bhurishrava, adorned with a beautiful armlet, was cut off along with the sword and fell on the earth, causing immense sorrow in the hearts of all beings.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)