श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 142: भूरिश्रवा और सात्यकिका रोषपूर्वक सम्भाषण और युद्ध तथा सात्यकिका सिर काटनेके लिये उद्यत हुए भूरिश्रवाकी भुजाका अर्जुनद्वारा उच्छेद  »  श्लोक 60
 
 
श्लोक  7.142.60 
अथ कोशाद् विनिष्कृष्य खड्गं भूरिश्रवा रणे।
मूर्धजेषु निजग्राह पदा चोरस्यताडयत्॥ ६०॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् भूरिश्रवाण ने युद्धभूमि में म्यान से तलवार निकाली, सात्यकि के केश पकड़े और उसकी छाती पर लात मारी।
 
Thereafter Bhurishravane took out his sword from the sheath on the battlefield, caught hold of Satyaki's hair and kicked him in the chest.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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