श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 142: भूरिश्रवा और सात्यकिका रोषपूर्वक सम्भाषण और युद्ध तथा सात्यकिका सिर काटनेके लिये उद्यत हुए भूरिश्रवाकी भुजाका अर्जुनद्वारा उच्छेद  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  7.142.11 
अद्य कृष्णश्च पार्थश्च धर्मराजश्च माधव।
हते त्वयि निरुत्साहा रणं त्यक्ष्यन्त्यसंशयम्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
माधव! यदि आज तुम मारे गए तो श्रीकृष्ण, अर्जुन और धर्मराज युधिष्ठिर का उत्साह नष्ट हो जाएगा और वे युद्ध करना छोड़ देंगे, इसमें संशय नहीं है॥11॥
 
Madhava! If you are killed today, then Shri Krishna, Arjun and Dharmaraja Yudhishthira will lose enthusiasm and stop fighting, there is no doubt about this. ॥ 11॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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