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mahabharat 7.141.29: उन्होंने राजा युधिष्ठिर को द्रोणाचार्य के लिए छोड़ दिया है और सिंधुराज जयद्रथ भी अभी तक नहीं मारा गया है। इसके अतिरिक्त, भूरिश्रवा युद्ध में शिनि के पौत्र सात्यकि की ओर बढ़ रहा है।   |   mahabharat अध्याय 7.141: सात्यकिका अद्भुत पराक्रम, श्रीकृष्णका अर्जुनको सात्यकिके आगमनकी सूचना देना और अर्जुनकी चिन्ता   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 141: सात्यकिका अद्भुत पराक्रम, श्रीकृष्णका अर्जुनको सात्यकिके आगमनकी सूचना देना और अर्जुनकी चिन्ता  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  7.141.29 
राजा द्रोणाय चोत्सृष्ट: सैन्धवश्चानिपातित:।
प्रत्युद्याति च शैनेयमेष भूरिश्रवा रणे॥ २९॥
 
 
अनुवाद
उन्होंने राजा युधिष्ठिर को द्रोणाचार्य के लिए छोड़ दिया है और सिंधुराज जयद्रथ भी अभी तक नहीं मारा गया है। इसके अतिरिक्त, भूरिश्रवा युद्ध में शिनि के पौत्र सात्यकि की ओर बढ़ रहा है।
 
‘They left King Yudhishthira for Dronacharya and Sindhuraj Jayadratha has also not been killed yet. Apart from this, Bhurishrava is advancing towards Satyaki, grandson of Shini, in the battle.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)