पुन: पुनस्तूबरक मूढ औदरिकेति च।
अकृतास्त्रक मा योत्सीर्बाल संग्रामकातर॥ ९५॥
अनुवाद
हे दाढ़ी-मूँछ से रहित नपुंसक! हे मूर्ख! हे पेटू! तू शस्त्र-विद्या से सर्वथा रहित है। युद्धप्रिय कायर! बालक! अब कभी युद्ध मत करना। 95॥
O impotent man without beard and moustache! O fool! Hey glutton! You are completely void of knowledge of weapons. War-loving coward! Boy! Never fight again. 95॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥