श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 139: भीमसेन और कर्णका भयंकर युद्ध, पहले भीमकी और पीछे कर्णकी विजय, उसके बाद अर्जुनके बाणोंसे व्यथित होकर कर्ण और अश्वत्थामाका पलायन  »  श्लोक 95
 
 
श्लोक  7.139.95 
पुन: पुनस्तूबरक मूढ औदरिकेति च।
अकृतास्त्रक मा योत्सीर्बाल संग्रामकातर॥ ९५॥
 
 
अनुवाद
हे दाढ़ी-मूँछ से रहित नपुंसक! हे मूर्ख! हे पेटू! तू शस्त्र-विद्या से सर्वथा रहित है। युद्धप्रिय कायर! बालक! अब कभी युद्ध मत करना। 95॥
 
O impotent man without beard and moustache! O fool! Hey glutton! You are completely void of knowledge of weapons. War-loving coward! Boy! Never fight again. 95॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)