श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 139: भीमसेन और कर्णका भयंकर युद्ध, पहले भीमकी और पीछे कर्णकी विजय, उसके बाद अर्जुनके बाणोंसे व्यथित होकर कर्ण और अश्वत्थामाका पलायन  »  श्लोक 106
 
 
श्लोक  7.139.106 
कर्णस्य वचनं श्रुत्वा भीमसेनोऽतिदारुणम्।
उवाच कर्णं प्रहसन् सर्वेषां शृण्वतां वच:॥ १०६॥
 
 
अनुवाद
कर्ण के ये कठोर वचन सुनकर भीमसेन जोर से हंस पड़े और सबके सामने उससे इस प्रकार बोले - ॥106॥
 
Hearing these harsh words from Karna, Bhimasena burst out laughing and in front of everyone he spoke to him as follows -॥106॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)