vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 139: भीमसेन और कर्णका भयंकर युद्ध, पहले भीमकी और पीछे कर्णकी विजय, उसके बाद अर्जुनके बाणोंसे व्यथित होकर कर्ण और अश्वत्थामाका पलायन
»
श्लोक 106
श्लोक
7.139.106
कर्णस्य वचनं श्रुत्वा भीमसेनोऽतिदारुणम्।
उवाच कर्णं प्रहसन् सर्वेषां शृण्वतां वच:॥ १०६॥
अनुवाद
कर्ण के ये कठोर वचन सुनकर भीमसेन जोर से हंस पड़े और सबके सामने उससे इस प्रकार बोले - ॥106॥
Hearing these harsh words from Karna, Bhimasena burst out laughing and in front of everyone he spoke to him as follows -॥106॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×