ते शूरा हतभूयिष्ठा हताश्वरथवारणा:।
उत्सृज्य भीमकर्णौ च सर्वतो व्यद्रवन् दिश:॥ १२॥
अनुवाद
बहुत से वीर सैनिक मारे गये, जिनके हाथी, घोड़े और रथ नष्ट हो गये, वे भीमसेन और कर्ण को छोड़कर सब दिशाओं में भाग गये।
The valiant soldiers, many of whom were slain, and whose elephants, horses and chariots were destroyed, deserted Bhimasena and Karna, and fled in all directions.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥