श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 137: भीमसेन और कर्णका युद्ध तथा दुर्योधनके सात भाइयोंका वध  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  7.137.38 
तं श्रुत्वा तु महानादं भीमसेनस्य धन्विन:।
बभूव परमा प्रीतिर्धर्मराजस्य धीमत:॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
धनुर्धर भीमसेन की वह महान वाणी सुनकर बुद्धिमान धर्मराज युधिष्ठिर को बहुत प्रसन्नता हुई ॥38॥
 
Hearing that great sound of the archer Bhimsen, the wise Dharmaraja Yudhishthir felt very happy. 38॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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