vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 136: भीमसेन और कर्णका युद्ध, कर्णका पलायन, धृतराष्ट्रके सात पुत्रोंका वध तथा भीमका पराक्रम
»
श्लोक 27
श्लोक
7.136.27
सूतपुत्रोऽपि कौन्तेयं शरै: संनतपर्वभि:।
पञ्चाशता महाबाहुर्विव्याध भरतर्षभ॥ २७॥
अनुवाद
भरतश्रेष्ठ! तत्पश्चात् महाबाहु सूतपुत्र ने भी झुके हुए धनुष से कुन्तीकुमार भीमसेन को पचास बाणों से घायल कर दिया॥27॥
Bharatshrestha! Then the mighty-armed Sutaputra also pierced Kuntikumar Bhimsen with fifty arrows having a bent bow. 27॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas