vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 136: भीमसेन और कर्णका युद्ध, कर्णका पलायन, धृतराष्ट्रके सात पुत्रोंका वध तथा भीमका पराक्रम
»
श्लोक 16
श्लोक
7.136.16
ते तस्य कवचं भित्त्वा तथा बाहुं च दक्षिणम्।
अभ्ययुर्धरणीं तीक्ष्णा वल्मीकमिव पन्नगा:॥ १६॥
अनुवाद
वे तीखे बाण कर्ण के कवच और दाहिनी भुजा को छेदकर पृथ्वी में घुस गए, जैसे सर्प बिल में घुस जाते हैं॥16॥
Those sharp arrows, having pierced Karna's armour and right arm, entered the earth like serpents entering a hole.॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×