vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 135: धृतराष्ट्रका खेदपूर्वक भीमसेनके बलका वर्णन और अपने पुत्रोंकी निन्दा करना तथा भीमके द्वारा दुर्मर्षण आदि धृतराष्ट्रके पाँच पुत्रोंका वध
»
श्लोक 39
श्लोक
7.135.39
स वार्यमाणो भीमेन शितैर्बाणै: समन्तत:।
सूतपुत्रो महाराज भीमसेनमवैक्षत॥ ३९॥
अनुवाद
महाराज! भीमसेन के तीखे बाणों से सब ओर से अवरुद्ध होने पर भी सारथी पुत्र कर्ण क्रोध से भीमसेन की ओर देख रहा था।
Maharaj! Even though blocked from all sides by Bhimasena's sharp arrows, the son of a charioteer Karna looked angrily at Bhimasena.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×