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mahabharat 7.135.36: यह देखकर भीमसेन ने उन पर पच्चीस बाण चलाकर भयंकर धनुष धारण करने वाले उन महारथियों, सारथि और घोड़ों को यमलोक भेज दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.135: धृतराष्ट्रका खेदपूर्वक भीमसेनके बलका वर्णन और अपने पुत्रोंकी निन्दा करना तथा भीमके द्वारा दुर्मर्षण आदि धृतराष्ट्रके पाँच पुत्रोंका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 135: धृतराष्ट्रका खेदपूर्वक भीमसेनके बलका वर्णन और अपने पुत्रोंकी निन्दा करना तथा भीमके द्वारा दुर्मर्षण आदि धृतराष्ट्रके पाँच पुत्रोंका वध  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  7.135.36 
तान् बाणै: पञ्चविंशत्या साश्वान् राजन् नरर्षभान्।
ससूतान् भीमधनुषो भीमो निन्ये यमक्षयम्॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
यह देखकर भीमसेन ने उन पर पच्चीस बाण चलाकर भयंकर धनुष धारण करने वाले उन महारथियों, सारथि और घोड़ों को यमलोक भेज दिया।
 
Seeing this, Bhimasena shot twenty-five arrows at them and sent those great princes, charioteer and horses, wielding fierce bows, to Yamaloka.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)