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mahabharat 7.135.18-19h: संजय! मूर्ख दुर्योधन ने सभा में बार-बार कहा था कि 'कर्ण, दु:शासन और मैं मिलकर पाण्डवों को युद्ध में अवश्य परास्त करेंगे।'॥18 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.135: धृतराष्ट्रका खेदपूर्वक भीमसेनके बलका वर्णन और अपने पुत्रोंकी निन्दा करना तथा भीमके द्वारा दुर्मर्षण आदि धृतराष्ट्रके पाँच पुत्रोंका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 135: धृतराष्ट्रका खेदपूर्वक भीमसेनके बलका वर्णन और अपने पुत्रोंकी निन्दा करना तथा भीमके द्वारा दुर्मर्षण आदि धृतराष्ट्रके पाँच पुत्रोंका वध  »  श्लोक 18-19h
 
 
श्लोक  7.135.18-19h 
यश्च संजय दुर्बुद्धिरब्रवीत् समितौ मुहु:॥ १८॥
कर्णो दु:शासनोऽहं च जेष्यामो युधि पाण्डवान्।
 
 
अनुवाद
संजय! मूर्ख दुर्योधन ने सभा में बार-बार कहा था कि 'कर्ण, दु:शासन और मैं मिलकर पाण्डवों को युद्ध में अवश्य परास्त करेंगे।'॥18 1/2॥
 
Sanjay! The foolish Duryodhan had repeatedly said in the court that 'Karna, Dushasan and I together will certainly defeat the Pandavas in the war.'॥ 18 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)