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mahabharat 7.135.14-15h: मनुष्य यमलोक जाकर लौट सकता है; परन्तु युद्ध में भीमसेन का सामना करने के बाद वह जीवित नहीं लौट सकता।   |   mahabharat अध्याय 7.135: धृतराष्ट्रका खेदपूर्वक भीमसेनके बलका वर्णन और अपने पुत्रोंकी निन्दा करना तथा भीमके द्वारा दुर्मर्षण आदि धृतराष्ट्रके पाँच पुत्रोंका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 135: धृतराष्ट्रका खेदपूर्वक भीमसेनके बलका वर्णन और अपने पुत्रोंकी निन्दा करना तथा भीमके द्वारा दुर्मर्षण आदि धृतराष्ट्रके पाँच पुत्रोंका वध  »  श्लोक 14-15h
 
 
श्लोक  7.135.14-15h 
प्रेतराजपुरं प्राप्य निवर्तेतापि मानव:॥ १४॥
न भीमसेनं सम्प्राप्य निवर्तेत कदाचन।
 
 
अनुवाद
मनुष्य यमलोक जाकर लौट सकता है; परन्तु युद्ध में भीमसेन का सामना करने के बाद वह जीवित नहीं लौट सकता।
 
A man can go to Yamaloka and return; but he can never return alive after facing Bhimasena in battle. 14 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)