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श्लोक 7.135.14-15h  |
प्रेतराजपुरं प्राप्य निवर्तेतापि मानव:॥ १४॥
न भीमसेनं सम्प्राप्य निवर्तेत कदाचन। |
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| अनुवाद |
| मनुष्य यमलोक जाकर लौट सकता है; परन्तु युद्ध में भीमसेन का सामना करने के बाद वह जीवित नहीं लौट सकता। |
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| A man can go to Yamaloka and return; but he can never return alive after facing Bhimasena in battle. 14 1/2 |
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