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mahabharat 7.135.10-11h: केवल महाबाहु कर्ण ने, जो सारथीपुत्र था, अपने शारीरिक बल पर गर्व करते हुए भीमसेन का अपमान किया और युद्धभूमि में उसके साथ युद्ध किया।   |   mahabharat अध्याय 7.135: धृतराष्ट्रका खेदपूर्वक भीमसेनके बलका वर्णन और अपने पुत्रोंकी निन्दा करना तथा भीमके द्वारा दुर्मर्षण आदि धृतराष्ट्रके पाँच पुत्रोंका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 135: धृतराष्ट्रका खेदपूर्वक भीमसेनके बलका वर्णन और अपने पुत्रोंकी निन्दा करना तथा भीमके द्वारा दुर्मर्षण आदि धृतराष्ट्रके पाँच पुत्रोंका वध  »  श्लोक 10-11h
 
 
श्लोक  7.135.10-11h 
कर्णस्त्वेको महाबाहु: स्वबाहुबलदर्पित:॥ १०॥
भीमसेनमनादृत्य रणेऽयुध्यत सूतज:।
 
 
अनुवाद
केवल महाबाहु कर्ण ने, जो सारथीपुत्र था, अपने शारीरिक बल पर गर्व करते हुए भीमसेन का अपमान किया और युद्धभूमि में उसके साथ युद्ध किया।
 
Only the mighty-armed Karna, the son of a charioteer, proud of his physical strength, insulted Bhimasena and fought with him on the battlefield. 10 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)