श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 132: भीमसेन और कर्णका घोर युद्ध  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  7.132.9 
संरब्धौ हि महाबाहू परस्परवधैषिणौ।
अन्योन्यमीक्षांचक्राते दहन्ताविव लोचनै:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
वे दोनों महाबाहु योद्धा एक दूसरे को मार डालने की इच्छा रखने वाले अत्यन्त क्रोधित होकर एक दूसरे को जलती हुई आँखों से देखने लगे॥9॥
 
Those two strong-armed warriors, who wanted to kill each other, became very angry and started looking at each other with burning eyes. 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)