श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 128: भीमसेनका द्रोणाचार्य और अन्य कौरव योद्धाओंको पराजित करते हुए द्रोणाचार्यके रथको आठ बार फेंक देना तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनके समीप पहुँचकर गर्जना करना तथा युधिष्ठिरका प्रसन्न होकर अनेक प्रकारकी बातें सोचना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  7.128.26 
भोजानीकं समासाद्य हार्दिक्येनाभिरक्षितम्।
प्रमथ्य तरसा वीरस्तदप्यतिबलोऽभ्ययात्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
तदनन्तर अत्यन्त बलवान योद्धा भीमसेन कृतवर्मा द्वारा रक्षित भोजवंश की सेना के पास पहुँचे और उसे बड़े बल से कुचलकर आगे बढ़े॥ 26॥
 
Then the extremely powerful warrior Bhimasena reached the army of the Bhoj dynasty protected by Kritavarma and after crushing it with great force he proceeded further.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)