श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 125: द्रोणाचार्यके द्वारा बृहत्क्षत्र, धृष्टकेतु, जरासन्धपुत्र सहदेव तथा धृष्टद्युम्नकुमार क्षत्रधर्माका वध और चेकितानकी पराजय  »  श्लोक 69-70h
 
 
श्लोक  7.125.69-70h 
तमाचार्यस्त्रिभिर्बाणैर्बाह्वोरुरसि चार्पयत्॥ ६९॥
ध्वजं सप्तभिरुन्मथ्य यन्तारमवधीत् त्रिभि:।
 
 
अनुवाद
तब आचार्य ने उसकी दोनों भुजाओं और वक्षस्थल पर तीन-तीन बाण मारे, फिर सात बाणों से उसके ध्वज को टुकड़े-टुकड़े कर दिया और तीन बाणों से सारथि को मार डाला।
 
Then the Acharya shot three arrows in all on his both arms and chest. Then with the help of seven arrows he cut his flag into pieces and killed the charioteer with three arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)