श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 124: कौरव-पाण्डव-सेनाका घोर युद्ध तथा पाण्डवोंके साथ दुर्योधनका संग्राम  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  7.124.1 
धृतराष्ट्र उवाच
किं तस्यां मम सेनायां नासन् केचिन्महारथा:।
ये तथा सात्यकिं यान्तं नैवाघ्नन् नाप्यवारयन्॥ १॥
 
 
अनुवाद
धृतराष्ट्र ने पूछा - संजय! क्या मेरी सेना में कोई ऐसा पराक्रमी योद्धा नहीं था, जिसने न तो सात्यकि को मारा और न ही उसे जाने से रोका?॥1॥
 
Dhritarashtra asked - Sanjay! Was there no mighty warrior in my army who neither killed Satyaki nor stopped him from going?॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)