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श्री महाभारत
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पर्व 7: द्रोण पर्व
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अध्याय 123: सात्यकिका घोर युद्ध और दु:शासनकी पराजय
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श्लोक 5
श्लोक
7.123.5
तमापतन्तमालोक्य सात्यकि: कौरवं रणे।
अभिद्रुत्य महाबाहुश्छादयामास सायकै:॥ ५॥
अनुवाद
कुरुवंश के राजा दुःशासन को युद्धभूमि पर आक्रमण करते देख महाबाहु सात्यकि ने उस पर आक्रमण किया और उसे अपने बाणों से ढक दिया।
Seeing Dushasana of the Kuru dynasty attacking the battlefield, the mighty-armed Satyaki rushed upon him and covered him with his arrows.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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