Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.122.71-72: राजन! तब महाबली धृष्टद्युम्न के घोड़े भाग गए। उनके भाग जाने पर पराक्रमी द्रोणाचार्य युद्धभूमि में विचरण करने लगे और पांचालों तथा सृंजयों से युद्ध करने लगे। | mahabharat अध्याय 7.122: द्रोणाचार्यका दु:शासनको फटकारना और द्रोणाचार्यके द्वारा वीरकेतु आदि पांचालोंका वध एवं उनका धृष्टद्युम्नके साथ घोर युद्ध, द्रोणाचार्यका मूर्च्छित होना, धृष्टद्युम्नका पलायन, आचार्यकी विजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! तब महाबली धृष्टद्युम्न के घोड़े भाग गए। उनके भाग जाने पर पराक्रमी द्रोणाचार्य युद्धभूमि में विचरण करने लगे और पांचालों तथा सृंजयों से युद्ध करने लगे।
King! Then the horses of the great Dhrishtadyumna ran away. After they ran away, the valiant Dronacharya started roaming around the battlefield and fighting with the Panchalas and Srinjayas.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥