Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.120.43-44h: सारथि के गिर जाने पर आपके पुत्र का रथ वायु के समान वेग से दौड़ने वाले घोड़ों द्वारा रणभूमि से भगा दिया गया ॥43 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.120: सात्यकिद्वारा दुर्योधनकी सेनाका संहार तथा भाइयोंसहित दुर्योधनका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 120: सात्यकिद्वारा दुर्योधनकी सेनाका संहार तथा भाइयोंसहित दुर्योधनका पलायन  »  श्लोक 43-44h
 
 
श्लोक  7.120.43-44h 
पतिते सारथौ तस्मिंस्तव पुत्ररथ: प्रभो॥ ४३॥
वातायमानैस्तैरश्वैरपानीयत संगरात्।
 
 
अनुवाद
सारथि के गिर जाने पर आपके पुत्र का रथ वायु के समान वेग से दौड़ने वाले घोड़ों द्वारा रणभूमि से भगा दिया गया ॥43 1/2॥
 
When the charioteer fell, your son's chariot was driven away from the battlefield by horses running as fast as the wind. ॥ 43 1/2 ॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)